11 इंजीनियर्स जिन्होंने विदेशी कंपनियों में सफलता पाई
इंजीनियरिंग एक ऐसा क्षेत्र है जो न केवल तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता रखता है, बल्कि यह भी आवश्यक है कि आप अपने कौशल को सही दिशा में उपयोग करें। कई भारतीय इंजीनियरों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से विदेशों में प्रमुख कंपनियों में सफलता प्राप्त की है। इस लेख में, हम उन 11 इंजीनियर्स के बारे में जानेंगे जिन्होंने विदेशी कंपनियों में सफलता पाई और किस प्रकार उन्होंने अपने करियर को ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
1. सुंदर पिचाई
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भारतीय इंजीनियरिंग की दुनिया का एक प्रसिद्ध नाम हैं। वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर से स्नातक हैं। सुंदर ने अपनी स्नातक शिक्षा के बाद अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस और व्हार्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री प्राप्त की। उनकी नेतृत्व क्षमता और तकनीकी ज्ञान ने उन्हें गूगल में कई प्रमुख परियोजनाओं का हिस्सा बनाया, जिसमें गूगल क्रोम और एंड्राइड शामिल हैं। 2015 में, उन्हें गूगल के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने गूगल के उत्पादों और सेवाओं का विस्तार किया।
2. राजीव मस्कोलिये
राजीव मस्कोलिये, जो टेस्ला इंक के उपाध्यक्ष हैं, भारतीय इंजीनियरिंग की पहचान हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मुंबई से विद्युत अभियंत्रण में डिग्री प्राप्त की और उसके बाद स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। उनके नेतृत्व में, टेस्ला ने इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में कई सफलताएँ प्राप्त की हैं। उन्हें कार के डिजाइन और विकास में विशेषकर विशेषज्ञता हासिल है।
3. अजय भाटिया
अजय भाटिया, जो एप्पल इंक के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट हैं, ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। उन्हें एप्पल में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का संचालन करने का अनुभव है, जिसमें एप्पल प्रोसेसर और स्मार्टफोन के डिजाइन शामिल हैं। उनकी समझ और नवाचार ने एप्पल के उत्पादों को बेहतर बनाने में मदद की है।
4. राधिका तिरु
राधिका तिरु एक प्रमुख आंकड़ा हैं जिन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में बड़ी सफलता हासिल की है। भूतपूर्व आईटी इंजीनियर, उन्होंने एक नई रणनीति विकसित की है जिससे माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड सेवाओं का विस्तार हुआ। उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बंबई से कंप्यूटर विज्ञान में डिग्री मिली थी। राधिका की सोचने की क्षमता और अनूठे समाधान प्रदान करने में उन्हें महारत हासिल है।
5. विशाल जैन
विशाल जैन, जिन्होंने फेसबुक में काम किया, एक प्रभावशाली इंजीनियर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से की और फिर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। फेसबुक में काम करते हुए, उन्होंने कई नए उत्पादों के विकास में योगदान दिया और विशेष रूप से सोशल मीडिया प्लेटफार्म में उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर करने में मदद की।
6. जब्बार हबीब
जब्बार हबीब, जो याहू! में सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर हैं, भारतीय इंजीनियरिंग की एक ओर मिसाल हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उनके तकनीकी ज्ञान और नेतृत्व गुणों ने याहू! के कई नए तकनीकी अविष्कारों में योगदान दिया।
7. निधी टंडन
निधी टंडन ने अपनी प्रतिभा को लिंडर टैक्नोलॉजीज में साबित किया है। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपूर से कंप्यूटर साइंस में डिग्री प्राप्त की। निधी डिजिटल प्रोडक्ट्स में बहुत होशियार हैं और उन्ह
8. कुलदीप गुप्ता
कुलदीप गुप्ता, जो अमेज़न में वरिष्ठ इंजीनियर हैं, ने मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को संभाला और उन्हें ग्राहकों के लिए उपयोगी बनाने में मदद की। कुलदीप की तकनीकी दृष्टि और व्यवस्थित दृष्टिकोण ने अमेज़न की सेवाओं में सुधार किया है।
9. दिव्या अग्रवाल
दिव्या अग्रवाल, जो उबर में प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं, ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं, जिससे उबर की ब्रांड पहचान और सेवाओं का विस्तार हुआ। दिव्या की अनूठी सोच और समस्या समाधान कौशल ने उन्हें इस क्षेत्र में सफल बनाया।
10. सच्चिन मेहता
सच्चिन मेहता, जो गूगल क्लाउड में सीनियर इंजीनियर हैं, ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) अहमदाबाद से अपनी शिक्षा प्राप्त की। उनका अनुभव और नवीनता ने गूगल क्लाउड सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सच्चिन की तकनीकी गहरी समझ और व्यावहारिक ज्ञान ने उन्हें इस क्षेत्र में शीर्ष पर पहुँचाया।
11. कृति शर्मा
कृति शर्मा, जो विप्रो टेक्नोलॉजीज में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, ने अपनी शिक्षा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से प्राप्त की है। वह अपने नवीनतम दृष्टिकोण और समस्या समाधान की क्षमता के लिए जानी जाती हैं। कृति ने विप्रो के क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इन सभी इंजीनियर्स ने न केवल अपनी मेहनत और लगन से विदेशी कंपनियों में सफलता पाई है, बल्कि वे भारतीय इंजीनियरी के प्रति दुनियाभर में गर्व का कारण भी बने हैं। उनके द्वारा किये गए प्रयास और उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
भारतीय इंजीनियर्स ने विदेशों में अपनी कड़ी मेहनत, ज्ञान और कौशल के साथ अद्वितीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इनकी कहानी यह दर्शाती है कि अगर आपमें प्रतिभा है और आप मेहनत करते हैं, तो आप किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकते हैं। यह इंजीनियर्स न केवल अपने देश का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी नवाचार में भी योगदान दे रहे हैं। उनके अनुभवों से प्रेरणा लेकर, नई पीढ़ी को भी अपने सपनों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित होनी चाहिए।